122 साल के बाद 2025 यानी इस साल का दूसरा और आखिरी चंद्र ग्रहण
122 साल के बाद 2025 यानी इस साल का दूसरा और आखिरी चंद्र ग्रहण
चंद्र ग्रहण 2025 |
आप सबको पता है कि 122 साल के बाद 2025 यानी इस साल का दूसरा और आखिरी चंद्र ग्रहण लगने वाला है। लेकिन इसके पहले सूतक काल लग चुका है। जी हां, चंद्र ग्रहण एक प्राकृतिक खगोलीय घटना है और ऐसा माना जाता है कि यह तब होता है जब सूर्य और चंद्रमा के बीच पृथ्वी आ जाती है। ऐसे में पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है और उसकी चमक कम हो जाती है।जब चंद्रमा पूरी तरह से पृथ्वी की छाया में आ जाता है तब उसे पूर्ण चंद्र ग्रहण कहा जाता है।
हिंदू धर्म में चंद्र ग्रहण को अशुभ काल बताया गया है
हिंदू धर्म में चंद्र ग्रहण को अशुभ काल बताया गया है और इस दौरान कई नियमों और परंपराओं का पालन करना आवश्यक माना जाता है। आपको ये बता दें कि आप सबको ये तो अभी पता चल गए होंगे कि चंद्र ग्रहण के दरमियान आपको क्या करना चाहिए। लेकिन क्या आपको पता है कि चंद्र ग्रहण के बाद आपको क्या करना है वो और चंद्र ग्रहण के अह जब लग जाए तब क्या करना है ।
आपको बता दें कि इस साल का यह दूसरा और अंतिम चंद्र ग्रहण 7 सितंबर 2025 को लगने वाला है जो भारत में भी साफ-साफ दिखाई देगा। चंद्र ग्रहण रात 9:57 से शुरू होकर मध्य रात्रि 1:23 तक रहेगा। लेकिन अभी ग्रहण से पहले सूतक काल प्रारंभ हो चुका है जो कि 12:57 से यह शुरू हो चुका है और अब आपको बताएंगे कि चंद्र ग्रहण के उग्र होने के बाद आपको किन विशेष बातों का ध्यान रखना है और किन विशेष कार्यों को आपको करना है। इससे आपको बताते चलें कि अगर आप वह विशेष कार्य कर लेंगे तो सुख समृद्धि के साथ ही विशेष फल की भी आपको प्राप्ति होगी। दरअसल चंद्र ग्रहण के दौरान भगवान ग्रहों के प्रभाव से घिरे होते हैं। ऐसे में भजन कीर्तन आपको करना चाहिए।
चंद्र ग्रहण खत्म होने के बाद स्नान जरूर करना चाहिए। घर में गंगाजल जरूर छिड़कना चाहिए और घर में जो भी सामान आपके फ्रिज में या आपके किचन में रखा हो जो बाय चांस बच गया है आप उसका उपयोग नहीं कर पाए हैं। चाहिए तो उसको गाय को खिला दीजिए। अगर नहीं भी खिलाना है और फ्रिज में कोई सामान जैसे दूध या कुछ ऐसे जैसे छोटे बच्चे हैं तो उसमें सूतक यानी ग्रहण शुरू होने से पहले आपको उसमें तुलसी का पत्ता जरूर डाल देना है ताकि उसके अंदर कोई नकारात्मक एनर्जी ना असर कर पाए। तत्पश्चात भगवान का विशेष पूजन अर्चन भी आपको करना चाहिए।
चंद्र ग्रहण देर रात्रि में खत्म हो रहा है तो घर के मंदिर या पूजा गृह में भगवान की आराधना जरूर करनी चाहिए। चंद्र ग्रहण खत्म होने के बाद अगर संभव हो तो दान इत्यादि भी करना चाहिए। दान करने से भगवान अति ज्यादा प्रसन्न होते हैं और मनोवांछित फल भी प्रदान करते हैं। वस्त्र, अनाज और आभूषण आदि दान करने पर अलग-अलग तरह के आपको फल प्राप्त होते हैं। अगर आपकी कुंडली में चंद्र दोष है तो चांदी के आभूषण या सिक्के आप दान कर सकते हैं। ऐसा करने से आपका चंद्र ग्रह मजबूत होता है। मानसिक तनाव के साथ ही आपको ऐश्वर्य की भी प्राप्ति होती है। सामर्थ्य अनुसार अन्य आभूषणों को भी आप दान कर सकते हैं। वहीं अगर चंद्रमा क्योंकि आप सबको पता है कि चंद्रमा का रंग सफेद होता है। ऐसे में सफेद वस्तुओं का दान जरूर करना चाहिए। जो भी वस्तु या सामान दान करना हो उसे ग्रहण शुरू होने से पहले ही स्पर्श कर लेना चाहिए।
इसका विशेष ध्यान रखिए। ग्रहण के दरमियान नहीं ग्रहण 9:27 से शुरू होगा। उसके पहले ही आपको जो भी दान करना है ग्रहण खत्म होने के बाद या सुबह क्योंकि रात में ग्रहण खत्म हो रहा है मध्य रात्रि में तो सुबह आप दान करेंगे। लेकिन ग्रहण शुरू होने से पहले ही आप उसको छू लीजिए और छूकर कहीं किनारे उसको रख दीजिए और ग्रहण जैसे खत्म हो जो स्पर्श किया आपका जो भी सामान है आप उसको दान में दे दीजिए।
ग्रहण के बाद उसे दान जरूर देना चाहिए
चंद्र ग्रहण के दौरान अनाज का दान भी बहुत पुण्यदाई माना गया है। गेहूं हो या चावल हो, मूंग दाल या अन्य खाद्य सामग्री भी दान आप दे सकते हैं। ऐसी पौराणिक मान्यताएं हैं कि अन्न का दान देने से आपका भंडार कभी खाली नहीं होता। बताया यह भी गया है कि चंद्र ग्रहण के साथ ही पितृ पक्ष भी शुरू हो रहा है। ऐसे में अपने पितरों की आत्मा की शांति के लिए गाय का दूध, गंगाजल, काला तिल और जौ आदि भी आप दान दे सकते हैं। इससे पितरों की आत्मा को शांति मिलती है और आपको आशीर्वाद भी प्रदान होता है। तो आपको समझ में आया कि आपको ग्रहण के दरमियान क्या करना है। लेकिन ग्रहण के बाद आपको विशेष ध्यान रखिए कि आप नहाइए जरूर सर से और दूसरी बात यह कि आप घर में पूरे घर में गंगाजल जरूर छिड़किए और जो भी खानेपीने के सामान है उसमें तुलसी का पत्ता जरूर डाल दीजिए। लेकिन तुलसी जी आप ग्रहण को शुरू होने से पहले ही तोड़ कर रख लीजिए। उसको धुल के आप सूतक काल में ही आप सारे सामानों में डाल दीजिए। इन बातों का विशेष ध्यान रखेंगे तो आपके घर पर भी कोई नकारात्मक जो एनर्जी है वो इफेक्ट यानी कि प्रभाव नहीं डालेगी।
नमस्कार।
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